ऑस्ट्रेलियन उच्चायोग
भारत

ऑस्ट्रेलिया एवं भारत के विदेश मंत्रियों की संरचनात्मक चर्चा

ऑस्ट्रेलिया एवं भारत के विदेश मंत्रियों की संरचनात्मक चर्चा

संयुक्त बयान 2008

23 जून को केनबेरा में संपन्न ऑस्ट्रेलिया और भारत के विदेश मंत्रियों की संरचनात्मक बातचीत के दौरान ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री श्री स्टीफन स्मिथ और भारत के विदेश मंत्री श्री प्रणव मुखर्जी ने ऑस्ट्रेलिया-भारत के संबंधों को सशक्त बनाने के लिये मज़बूत बंधनों और साझा हितों पर ज़ोर दिया। उन्होंने इस तथ्य की पुष्टि की कि दोनो सरकारें द्विपक्षीय कड़ियों को एक नये और ऊँचे स्तर पर लेजाने के लिये संकल्पित हैं। उन्होंने यह स्वीकार किया कि विस्तारित क्षेत्रों में सहयोग के वर्तमान और नये स्वरूप, ऑस्ट्रेलिया-भारत भागीदारी के नये विकासशील आयामों के उदाहरण प्रस्तुत करेंगें।

मंत्रियों ने ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच राजनीतिक कड़ियों की विविधता और दृढ़ता का स्वागत किया तथा कहा कि दोनो प्रजातांत्रिक देश, विधि के नियम, अनेकवाद और मानवाधिकारों के लिए सम्मान के प्रति संकल्पित हैं। उन्होंने इस पर ज़ोर दिया कि द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूती प्रदान करने के लिए नियमित उच्च स्तरीय राजनीतिक संवाद जारी रहेंगे। श्री स्मिथ ने कहा कि वे सितंबर में भारत आ रहे हैं। श्री मुखर्जी ने उनकी यात्रा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे इस संवाद को जारी रखने का एक और अवसर प्राप्त होगा।

अन्तर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सहयोग

मंत्रियों ने अन्तर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर गहरी और विस्तारित चर्चा की। उन्होंने पूर्वी एशिया सम्मेलन के सन्दर्भ में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच बढ़े हुए क्षेत्रीय सहयोग के लिये उल्लेखनीय क्षमता पर बल दिया। उन्होंने प्रभावी बहुपक्षवाद तथा अनेक प्रतिनिधिक अन्तर्राष्ट्रीय संस्थानों की ज़रूरतों की पुष्टि की जो 21वीं शताब्दी की वास्तविकताओं को प्रदर्षित करती है। श्री स्मिथ ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत हेतु एक स्थायी स्थान के लिये ऑस्ट्रेलिया द्वारा सशक्त समर्थन देने की बात दोहराई। उन्होंने 2010 में सदस्यता अधिस्थगन पर, Asia Pacific Economic Cooperation समूह में, भारत की सदस्यता के लिए भी ऑस्ट्रेलिया के सषक्त समर्थन पर प्रकाश डाला।

श्री मुखर्जी ने 2013-14 कार्यकाल हेतु एक अस्थायी यूएनएससी सीट के लिये ऑस्ट्रेलिया की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एशिया पेसीफिक समुदाय उभरने की संभावनाओं के आंकलन के लिये एक दूत की नियुक्ति में ऑस्ट्रेलिया की पहल में रूचि लेते हुए भारत भी इसका अनुसरण करेगा। उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्रीय सहयोग के लिए दक्षिण एशिया संघ की बैठकों में प्रेक्षक के दर्जे हेतु ऑस्ट्रेलिया के आवेदन का भारत ने समर्थन किया है।

श्री स्मिथ और श्री मुखर्जी ने विश्व के समक्ष वर्तमान भोजन सुरक्षा तथा ऊर्जा संरक्षा की चुनौतियों पर चर्चा की तथा इन मुद्दों को एक पारस्परिक लाभप्रद तरीके से हल करने के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया द्वारा संयुक्त रूप से कार्य करने की क्षमता पर ज़ोर दिया, जिसमें मंत्री स्तर पर कार्य भी शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थ व्यवस्था निरन्तर प्रसारित हो रही है और इसलिये इन क्षेत्रों में सक्रिय रूप से सहयोग करने के लिए ऑस्ट्रेलिया की क्षमता पर ध्यान दिया जाएगा।

मंत्रियों ने परमाणु निःशस्त्रीकरण तथा गैर प्रसरण पर अपना सशक्त समर्थन देने की बात दोहराई । उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और भारत ने नीतिगत मुद्दों पर वार्ता प्रारंभ कर दी है। उन्होंने सुरक्षा प्रमुखों के स्तर की नियमित वार्ता प्रारंभ करने के निर्णय का भी स्वागत किया। प्रारंभिक वार्ताऐं ऑस्ट्रेलिया में निकट भविष्य में संपन्न होना प्रस्तावित है।

जयपूर में हाल ही में हुए बम विस्फोट की घटनाओं में श्री स्मिथ और श्री मुखर्जी ने ज़ोर दिया कि आतंकवाद के विरूद्ध संघर्ष में ऑस्ट्रेलिया और भारत एक साथ हैं । आतंकवाद का सामना करने तथा प्रवास पर नई दिल्ली में इस वर्ष के अन्त में होने वाली द्विपक्षीय संयुक्त कार्य दल की अगली बैठक के बारे में विचार करते हुए उन्होंने आसूचना, विधि प्रवर्तन, सीमा सुरक्षा तथा आतंकवाद का सामना करना, वित्त तथा काले धन को वैध बनाने जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग की ज़रूरत पर बल दिया । मंत्रियों ने दोनो देशों द्वारा आसूचना सहयोग को सशक्त बनाने पर बल देने पर ज़ोर दिया जिसमें आतंकवाद के मुद्दों का सामना करना शामिल है ।

श्री स्मिथ और श्री मुखर्जी ने मौसम परिवर्तन के लिए एक प्रभावी और व्यापक वैष्विक उत्तरदायित्व के महत्व पर बल दिया और मौसम परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र संरचानात्मक सम्मेलन का दृढ निश्चय दोहराया । उन्होंने एशिया-पेसीफिक भागीदारी के अन्तर्गत स्वच्छ विकास तथा वातावरण पर संयुक्त ऑस्ट्रेलियन-भारतीय परियोजनाओं द्वारा सकारात्मक सहयोग पर चर्चा की जिसमें स्वच्छ तकनीक के विनियोजन से संबद्धता भी शामिल हैं । आपने जल संसाधनों की कमी का सामना करने के सर्वोत्तम तरीकों पर विचारों के आदान-प्रदान के लिये एक नवीन द्विपक्षीय जल संवाद स्थापित करने की भी घोषणा की ।
राजनैतिक कड़ियाँ

श्री स्मिथ और श्री मुखर्जी ने घोषणा की कि दो देशों ने राजनैतिक भागीदारी के विस्तार का निर्णय लिया है जिसमें एक नवीन फोरम, ऑस्ट्रेलिया-भारत गोलमेज़ द्वारा दोनो देशों को आबद्ध किया जाएगा । लोवी इन्स्टीट्यूट और इण्डियन कॉउन्सिल फॉर वल्ड अफेयर्स द्वारा संयोजित यह गोलमेज़ इक्कसीसवीं शताब्दी में भारत और ऑस्ट्रेलिया के समक्ष उत्पन्न अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए प्रति वर्ष दोनो देशों के प्रमुख व्यक्तियों को एक साथ लाएगी । इस गोलमेज़ को सम्पन्न करने के विवरणों को निर्धारित किया जा रहा है ।

मंत्रियों ने ऑस्ट्रेलिया द्वारा अपने विकास सहायता कार्यक्रम के अन्तर्गत दोनो देशों के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की कड़ियाँ निर्मित करने हेतु लक्षित तकनीकी सहायता के लिए 10 मीलियन डालर प्रदान करने के निर्णय का स्वागत किया । इस योजना के अन्तर्गत वित्त प्रदान की गई परियोजनाएँ विभिन्न क्षेत्रों में ज्वलन्त सार्वजनिक नीतिगत मुद्दों के समाधान के लिये कार्य करेंगी जिसमें कृषि, मौसम परिवर्तन, जल और संसाधन प्रबंधन सम्मिलित हैं ।

मंत्रियों ने इन क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने हेतु सुविधा प्रदान करने के लिए वीज़ा, पासपोर्ट और काउन्सल मुद्दों पर एक नये संयुक्त कार्यदल के गठन की भी घोषणा की । श्री स्मिथ ने कहा कि ऑस्ट्रेलियन सरकार, ऑस्ट्रेलिया में भारतीय विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनके हितों का निरन्तर ध्यान रखेगी । उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलियन प्राधिकारी ऐसी घटनाओं में तेजी से कार्यवाही करेगी जिनमें भारतीय विद्यार्थी शामिल होंगे।

विधिक सहयोग

विधिक सहयोग, विशेष तौर पर विधि प्रवर्तन ऑस्ट्रेलिया-भारत संबंधों में विकासशील क्षेत्र है । श्री स्मिथ और श्री मुखर्जी ने एक प्रत्यर्पण संधि और एक पारस्परिक विधिक सहायता संधि पर हस्ताक्षर किए जिसके अन्तर्गत दोनो देश स्वेच्छा से आपराधिक मामलों में व्यावहारिक तरीकों से समाधान के लिये सहयोग करेंगें ।

आर्थिक कड़ियाँ

श्री स्मिथ और श्री मुखर्जी ने, द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों, विशेष रूप से संसाधन और ऊर्जा क्षेत्र में, की मज़बूती पर बल दिया और ऑस्ट्रेलियन व्यापार मंत्री श्री साईमन क्रीन और भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री कमल नाथ की सह अध्यक्षता में 20 मई को मेलबर्न में सम्पन्न 11वें संयुक्त मंत्रीस्तरीय आयोग के सकारात्मक परिणामों का स्वागत किया । उन्होंने कहा कि आर्थिक संबंधों का आधार नये क्षेत्रों में जैसे सूचना तकनीक और जैविक तकनीक में विस्तारित हो रहा है । आर्थिक संबंधों का विस्तार, उच्च स्तर पर संबद्ध व्यावसायिक कड़ियों के सहयोग से सुनिष्चित करने के लिए, व्यावसायिक कड़ियों में वृद्धि के लिए उन्होंने एक ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फोरम को गठित करने के प्रस्ताव पर प्रकाश डाला । उन्होंने दोहराया कि दोनो सरकारें, 2008 के अन्त तक संयुक्त एफटीए अध्ययन दल से एक व्यापक एफटीए की उपयुक्तता पर एक रिपोर्ट प्राप्त करने की इच्छुक हैं । एक द्विपक्षीय कार्यनीति की शर्तों को अन्तिम रूप देकर दोनो देशों के बीच संसाधनों के सहयोग को बढ़ाने के प्रस्ताव का उन्होंने स्वागत किया ।

वैज्ञानिक तथा शैक्षणिक सहयोग

यह स्वीकार करते हुए कि विज्ञान तथा शिक्षा ऐसे विषय हैं जो ऑस्ट्रेलिया-भारत संबंधों के सबसे क्रियाशील भागों में से एक हैं, मंत्रियों ने द्विपक्षीय कार्यनीतिक अनुसंधान कोष द्वारा वैज्ञानिक सहयोग क्षमता बढ़ाने पर महत्व दिया । अपने वैज्ञानिक सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए जुलाई में ऑस्ट्रेलिया और भारत के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान, कॉमनवेल्थ साईंटिफिक एण्ड इण्डस्ट्रियल रिसर्च आर्गनाईज़ेशन (सीएसआयआरओ) और कांउसिंल ऑफ साईंटिफिक एण्ड इण्डस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआयआर) एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेंगें । यह समझौता ज्ञापन (एमओयू) हाल ही में सीएसआयआरओ और सीएसआयआर के बीच हस्ताक्षरित एक अनुसंधान भागीदारी पर आधारित होगा जो जल, ऊर्जा और दीर्घकालिक कृषि से संबंधित अनुसंधान पर केन्द्रित होगा । मंत्रियों ने ऑस्ट्रेलिया में विष्व के विशालतम रेडियो टेलिस्कोप, Square Kilometre Array, के शुभारंभ पर इसके लाभों पर भी चर्चा की ।

वर्तमान में आस्ट्रेलियन शैक्षणिक संस्थानों में पंजीकृत 52,000 से अधिक भारतीय विद्यार्थियों के साथ, शिक्षा इन संबंधों का एक महत्वपूर्ण अंग है । मंत्रियों ने बताया कि दो देशों के बीच ज्ञान की कड़ियों को सशक्त बनाने में ऑस्ट्रेलिया के इनडेवर स्कॉलरशीप पुरस्कारों द्वारा एक सकारात्मक भूमिका निभाई जा रही है ।

व्यक्ति दर व्यक्ति कड़ियाँ

ऑस्ट्रेलिया-भारत संबंधों को विविधतापूर्ण तथा विस्तारित व्यक्ति दर व्यक्ति कड़ियों द्वारा समर्थित किया जा रहा है । भारतीय लोगों के ऑस्ट्रेलिया में जाने से द्विपक्षीय कड़ियों की वृद्धि में वास्तविक सहयोग मिल रहा है । श्री स्मिथ और श्री मुखर्जी ने संबंधों के निर्माण तथा आने वाले दशकों में ऑस्ट्रेलिया-भारत संबंधों को गति देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में, युवा पेशेवर विशेषज्ञों सहित, और अधिक युवाओ के आदान-प्रदान का आव्हान किया । निकट भविष्य में ऑस्ट्रेलियन युवा राजदूतों के एक समूह को भारत भेजने के प्रस्ताव को अग्रेषित करने पर ऑस्ट्रेलिया ने सहमति व्यक्त की ।

ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच खेलकूद लंबे समय से संबद्धता के एक सशक्त माध्यम रहे हैं । हमारे सुस्थापित क्रिकेट संबंधों को एक नई दिशा देते हुए, भारत की कुछ उभरती महिला क्रिकेट खिलाड़ियों के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु फंड प्रदान करने संबंधी ऑस्ट्रेलिया भारत काउंसिल के निर्णय की भी मंत्रियों ने सराहना की । उन्होंने आस्ट्रेलियन स्पोर्ट्‌स आउटरिच प्रोग्राम (एएसओपी) के द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यो की भी सराहना की जिसमें वंचित समुदायों में खेल परियोजनाओं के लिये वित्त प्रदान किया जाता है । एएसओपी, अगले 12 माह के दौरान भारत में तीन परियोजनाओं के लिये फंड प्रदान करेगा ।